
+++वंदेभारतलाइवटीव न्युज, मंगलवार 16 सितंबर 2025 ++
प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार भारत सरकार ने मोटर वाहन कानून में परिवर्तन किया है। इस परिवर्तन के अनुसार अब बीस वर्ष पुराने वाहनों को भी सड़क पर चलाया जा सकता है। इसके लिए पुराने वाहन धारकों को अपने वाहन का फिटनेस एवं रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण करवाते समय दुगुना शुल्क देना होगा। अब नये मोटर वाहन नियम से पुराने वाहन धारकों को राहत मिल सकती है। केंद्र सरकार के नये नियमों के कारण पहले जिन वाहनों का पंजीकरण बीस वर्ष पूरे हो जाने पर रद्द कर दिया जाता रहा है , उन्हें अब एक बार फिर से पंजीकरण का अवसर प्राप्त होगा। इससे दोपहिया चारपहिया वाहन धारकों को अपने पुराने वाहनों में स्क्रैप में नहीं निकालनी पड़ेगी। सरकार के इस निर्णय से प्रदूषण बढ़ने की भी संभावना को देखते हुए नवीनीकरण शुल्क बढ़ाने को लेकर आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए हैं। सरकार के इस नये नियमानुसार अब बीस वर्ष पुराने वाहनों के पंजीकरण नवीनीकरण के लिए वर्तमान शुल्क का दुगुना शुल्क देय होगा। जैसे कि अभी यदि पंजीकरण शुल्क के लिए 300रूपय देने होते हैं तो पुराने वाहनों के लिए 2,000 रूपय देने हो सकते हैं। केंद्र के नियमों को मंजूरी मिलने के बाद से राज्य में लागू होने वाले नियमों को भी पुराने वाहनों को फिर से पंजीकरण का अवसर मिल सकता है। वाहन शुल्क-: दोपहिया वाहन-15 वर्ष पुराने शुल्क-1,000रूपय, 20 वर्ष पुराने शुल्क-2,000 । तीन पहिया मालवाहक वाहन- 15 वर्ष पुराने शुल्क-2,500 रूपय, 20 वर्ष पुराने शुल्क- 5,000 रूपय। कार बस ट्रक 15 वर्ष पुराने शुल्क- 18,000 रूपय, 20 पुराने शुल्क-24,000 रूपय पंजीकरण नवीनीकरण पर देना होगा। दुगुना शुल्क लेने के पीछे उद्देश्य यह है कि वाहन चालक अपने पुराने वाहन स्क्रैप में निकालेंगे और इससे प्रदूषण नियंत्रण मे मदद हो सकती है।











